Bansgaon Sandesh
Login
H
Gorakhpurलगभग १ घंटा पहले

बड़हलगंज में भव्य रुद्र महायज्ञ का आगाज आज से कल निकलेगी विशाल

बड़हलगंज में भव्य रुद्र महायज्ञ का आगाज आज से कल निकलेगी विशाल

बड़हलगंज में भव्य रुद्र महायज्ञ का आगाज आज से कल निकलेगी विशाल शोभायात्रा, देशभर के प्रकांड विद्वान और धर्माचार्य होंगे शामिल बड़हलगंज। सरयू तट स्थित मुक्तिपथ पर आयोजित होने वाले भव्य रुद्र महायज्ञ का शुभारंभ आज से होगा। इस धार्मिक अनुष्ठान को लेकर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। चिल्लूपार विधायक राजेश त्रिपाठी ने प्रेस वार्ता कर महायज्ञ के स्वरूप और सात दिवसीय कार्यक्रमों की विस्तृत जानकारी दी। विधायक राजेश त्रिपाठी ने बताया कि वैदिक सनातन परंपरा के अनुसार आयोजित यह महायज्ञ पितरों की तृप्ति, पूर्वजों की संतुष्टि तथा जनमानस की सुख-समृद्धि और लोक कल्याण के उद्देश्य से किया जा रहा है। महायज्ञ के अंतर्गत वैदिक मंत्रोच्चार, धार्मिक प्रवचन और विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन होगा। दर्जनों झांकियों के साथ निकलेगी शोभायात्रा महायज्ञ के क्रम में कल विशाल शोभायात्रा निकाली जाएगी। इसमें दर्जनों आकर्षक एवं मनमोहक झांकियां शामिल होंगी। शोभायात्रा धुरियापार क्षेत्र के उरुवा, गोपालपुर, गोला, मदरिया और झुमिला-महुआपार होते हुए बड़हलगंज के लेटाघाट स्थित लक्ष्मीनारायण मंदिर पहुंचेगी। यहां से सैकड़ों महिलाएं कलश में सरयू का जल भरकर यज्ञ स्थल तक पहुंचेंगी। शोभायात्रा को लेकर श्रद्धालुओं में उत्साह का माहौल है। सात दिनों तक होगा चारों वेदों का पाठ महायज्ञ में देश-प्रदेश के अनेक प्रकांड विद्वान और धर्माचार्य शामिल होंगे। प्रतिदिन शाम चार बजे से कथा का आयोजन किया जाएगा। इसके साथ ही भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम भी होंगे। यज्ञ के दौरान आचार्य द्वारा सात दिनों तक ऋग्वेद सहित चारों वेदों का पाठ किया जाएगा। 16 अक्टूबर को होगी धर्म संसद महायज्ञ के अंतिम चरण में 16 अक्टूबर को विशेष धर्म संसद का आयोजन किया जाएगा। इसमें देश के विभिन्न हिस्सों से प्रख्यात धर्माचार्य और विद्वान हिस्सा लेंगे। इस दौरान धर्म, अध्यात्म और वैदिक परंपराओं से जुड़े विषयों पर विचार-विमर्श होगा। ब्रह्मानंद जी महाराज ने स्पष्ट किया कि यह पूर्णतः वैदिक परंपरा के अनुसार आयोजित होने वाला यज्ञ है, जिसका तंत्र-मंत्र से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने बताया कि इस अनुष्ठान में किसी प्रकार का पिंडदान या तर्पण नहीं किया जाएगा। इसका मुख्य उद्देश्य लोक कल्याण और जनमानस की सुख-समृद्धि है।

1 likes
0 comments1 shares