गांधी जयन्ती के अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण एवं महिला कल्याण
गांधी जयन्ती के अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण एवं महिला कल्याण विभाग द्वारा प्रभात फेरी एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित। देवरिया 02 अक्टूबर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयन्ती के अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, देवरिया एवं महिला कल्याण विभाग, देवरिया के संयुक्त तत्वाधान में प्रभात फेरी एवं जन-जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य बालिकाओं एवं आमजन को बाल विवाह की रोकथाम, बालिकाओं की सुरक्षा तथा बच्चों के यौन अपराधों से संरक्षण अधिनियम के संबंध में जागरूक करना रहा। कार्यक्रम के दौरान प्रभात फेरी के माध्यम से लोगों को बाल विवाह रोकने, बालिकाओं की शिक्षा एवं सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा बच्चों के अधिकारों के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया गया। प्रभात फेरी में प्रतिभागियों द्वारा जागरूकता संबंधी संदेशों के माध्यम से समाज में बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति के विरुद्ध जन-जागरूकता का संदेश प्रसारित किया गया। इस अवसर पर बालिकाओं द्वारा नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत कर बाल विवाह के दुष्परिणामों तथा बालिकाओं के अधिकारों को प्रभावी ढंग से प्रदर्शित किया गया। नुक्कड़ नाटक के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि बाल विवाह बच्चों के शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा एवं भविष्य पर प्रतिकूल प्रभाव डालता है। साथ ही इस अधिनियम के संबंध में जागरूक करते हुए बच्चों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने, उनके साथ होने वाले यौन अपराधों की रोकथाम तथा किसी भी प्रकार की आपत्तिजनक घटना की स्थिति में तत्काल सूचना देने के प्रति जागरूक किया गया। कार्यक्रम के माध्यम से उपस्थित लोगों को बाल विवाह की सूचना मिलने पर संबंधित विभाग, पुलिस अथवा चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 पर सूचना देने के लिए प्रेरित किया गया। साथ ही महिलाओं एवं बालिकाओं के लिए उपलब्ध विभिन्न सहायता एवं कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी भी प्रदान की गई। गांधी जयन्ती के अवसर पर राजकीय बाल गृह (बालक), देवरिया में भी कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में बाल गृह में आवासित बच्चों को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के जीवन, उनके विचारों एवं स्वच्छता तथा अनुशासन के महत्व के बारे में जानकारी दी गई। बच्चों को शिक्षा, अच्छे संस्कार एवं जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए प्रेरित किया गया। इसी क्रम में वन स्टॉप सेन्टर, देवरिया में भी जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में महिलाओं एवं बालिकाओं को उनके अधिकारों, महिला सुरक्षा, हिंसा से संरक्षण तथा उपलब्ध सहायता सेवाओं के संबंध में जानकारी दी गई। महिलाओं को किसी भी प्रकार की हिंसा अथवा उत्पीड़न की स्थिति में सहायता प्राप्त करने के लिए संबंधित हेल्पलाइन एवं सहायता केन्द्रों से संपर्क करने हेतु जागरूक किया गया। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा गांधी जी के सत्य, अहिंसा, स्वच्छता एवं सामाजिक समरसता के संदेश को आत्मसात करने तथा समाज में महिलाओं एवं बच्चों के प्रति सुरक्षित एवं सम्मानजनक वातावरण बनाए रखने का आह्वान किया गया। इस अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण एवं महिला कल्याण विभाग के अधिकारी/कर्मचारी, राजकीय बाल गृह (बालक) के कर्मचारी, वन स्टॉप सेन्टर के कार्मिक तथा अन्य संबंधित लोग उपस्थित रहे।