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Arvind Singh
Bhopal८ दिन पहले

52 दिनों के उत्सव का भव्य समापन: 20 लाख से अधिक दर्शकों ने रचा ‘भोजपाल मेला’ का नया इतिहास, ‘भोजपुरी नाइट’ में गोलू राजा बिखेरेंगे सुरों का जादू, भव्य आतिशबाजी के साथ विदा लेगा प्रदेश का सबसे बड़ा मेला

52 दिनों के उत्सव का भव्य समापन: 20 लाख से अधिक दर्शकों ने रचा ‘भोजपाल मेला’ का नया इतिहास, ‘भोजपुरी नाइट’ में गोलू राजा बिखेरेंगे सुरों का जादू, भव्य आतिशबाजी के साथ विदा लेगा प्रदेश का सबसे बड़ा मेला

भोपाल। राजधानी के भेल दशहरा मैदान पर बीते 52 दिनों से खुशियों और उल्लास का केंद्र बना रहा प्रदेश का सबसे बड़ा ‘भोजपाल महोत्सव मेला’ अब अपने समापन की ओर है। रविवार, 4 जनवरी को रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और भव्य आतिशबाजी के साथ मेले का औपचारिक समापन किया जाएगा। इस वर्ष भोजपाल मेले ने लोकप्रियता के सभी पुराने रिकॉर्ड तोड़ते हुए नया इतिहास रच दिया है। आयोजकों के अनुसार, मेले के 52 दिनों के आयोजन के दौरान भोपाल के साथ-साथ सीहोर, रायसेन, विदिशा, मंडीदीप सहित आसपास के जिलों से 20 लाख से अधिक लोग परिवार सहित मेला देखने पहुंचे। मनोरंजन, सांस्कृतिक कार्यक्रमों, खरीदारी और खानपान के कारण भोजपाल मेला आमजन के लिए आकर्षण का प्रमुख केंद्र बना रहा। समापन संध्या को खास बनाने के लिए ‘भोजपुरी नाइट’ का आयोजन किया गया है, जिसमें भोजपुरी संगीत जगत के लोकप्रिय गायक और ‘शेरे बिहारे’ फेम गोलू राजा अपनी प्रस्तुति देंगे। बिहार के आरा से ताल्लुक रखने वाले गोलू राजा कजरी, पूर्वी और पारंपरिक भोजपुरी गीतों के साथ ‘गवना करवल ए राजा जी’, ‘निमिया के डाढ़ मैया’ जैसे सुपरहिट गीतों से श्रोताओं को झूमने पर मजबूर करेंगे। इस अवसर पर कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मेला संरक्षक एवं सांसद आलोक शर्मा रहेंगे। शनिवार की शाम मेला परिसर उस समय संगीतमय हो उठा, जब मशहूर प्लेबैक सिंगर पूजा ठाकरे ने अपनी सधी हुई आवाज और शानदार मंच प्रस्तुति से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। पूजा ठाकरे ने ‘केसरिया’, ‘चलेया’, ‘पारी हूँ मैं’ और ‘जब छाए मेरा जादू’ जैसे लोकप्रिय बॉलीवुड गीतों की शानदार प्रस्तुति दी, जिस पर दर्शक देर तक झूमते नजर आए। कार्यक्रम का शुभारंभ शाम 7.30 बजे मेला अध्यक्ष सुनील यादव, संयोजक विकास वीरानी, महामंत्री हरीश कुमार राम, उपाध्यक्ष वीरेंद्र तिवारी सहित मेला समिति के पदाधिकारियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलन कर किया गया। मेला अध्यक्ष सुनील यादव ने आयोजन की सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए आमजन का आभार जताया। उन्होंने कहा कि भोपाल और आसपास के जिलों के नागरिकों ने इस आयोजन को ऐतिहासिक बना दिया है। भोजपाल मेला अब केवल एक व्यापारिक या मनोरंजन मेला नहीं, बल्कि साझा संस्कृति, सामाजिक सौहार्द और भाईचारे का प्रतीक बन चुका है। मेले की सफलता के पीछे मेला समिति और आयोजन से जुड़े सदस्यों की अथक मेहनत रही। व्यवस्थाओं को सुचारू रखने और दर्शकों की सुविधा के लिए दिन-रात जुटे रहने वालों में संयोजक विकास वीरानी, महामंत्री हरीश कुमार राम, वीरेंद्र तिवारी, विनय सिंह, महेंद्र नामदेव, केश कुमार शाह, अखिलेश नागर, मो. जाहिद खान, सुनील शाह, मधु भवनानी, चंदन वर्मा, दीपक शर्मा, गोपाल शर्मा, भूपेंद्र सिंह, मो. रेहान खान, दीपक बैरागी, देवेंद्र चौकसे, सुनील वैष्णव, गौरव जैन, संदीप सहित अनेक सदस्यों की सक्रिय भूमिका रही। रविवार को होने वाली समापन संध्या में सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ भव्य आतिशबाजी भी की जाएगी, जो 52 दिनों तक चले इस महाउत्सव को यादगार विदाई देगी। भोजपाल मेला न केवल मनोरंजन का केंद्र बना, बल्कि भोपाल की सांस्कृतिक पहचान को भी नई ऊंचाइयों तक ले जाने में सफल रहा।

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