चोपन पुलिस की 'यूपी 112' टीम बनी देवदूत, फांसी के फंदे पर लड़की महिला को सीपीआर देकर दी नई जिंदगी

चोपन पुलिस की 'यूपी 112' टीम बनी देवदूत, फांसी के फंदे पर लटकी महिला को CPR देकर दी नई जिंदगी डाला (सोनभद्र)। चोपन थाना क्षेत्र अंतर्गत घरेलू कलह के बाद बंद कमरे में फांसी के फंदे पर झूल चुकी एक महिला के लिए यूपी 112 की टीम 'देवदूत' बनकर सामने आई। पुलिस जवानों ने सूझबूझ और तत्परता दिखाते हुए न सिर्फ बंद कमरे की खिड़की तोड़ी, बल्कि सांसें थम जाने के बाद महिला को सीपीआर (CPR) देकर उसकी डूबती सांसों को वापस लौटा लिया। पुलिस के इस सराहनीय कार्य की पूरे क्षेत्र में जमकर सराहना हो रही है। खिड़की से देखा तो फंदे से लटक गई महिला जानकारी के अनुसार, चोपन थाना क्षेत्र के नगर पंचायत के पास अम्मा टोला निवासी अनिल कुमार (पुत्र रमेश कुमार) अपनी पत्नी छोटी के साथ किराए के मकान में रहकर जीविकोपार्जन करते हैं। बीती रात किसी पारिवारिक बात को लेकर पति-पत्नी के बीच विवाद हो गया। विवाद से क्षुब्ध होकर पत्नी छोटी ने खुद को कमरे में बंद कर लिया और फांसी लगाने का प्रयास करने लगी। घबराए पति ने तत्काल इसकी सूचना पीआरबी 112 (वाहन संख्या 1070) को दी। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचे मुख्य आरक्षी (दीवान) नागेन्द्र कुमार पटेल और सुनील कुमार गौड़ ने जब खिड़की से झांककर देखा, तो महिला फांसी लगाने की तैयारी कर रही थी। लाख समझाने पर भी नहीं मानी, फिर जवानों ने दिखाया साहस पुलिसकर्मियों ने बाहर से महिला को समझाने और शांत करने का काफी प्रयास किया, लेकिन गुस्से और तनाव में आकर महिला ने पंखे के सहारे साड़ी का फंदा बनाकर खुद को लटका दिया। यह भयावह दृश्य देखते ही पीआरबी के जवानों ने एक पल की भी देरी नहीं की। जवानों ने तत्काल सूझबूझ दिखाते हुए कमरे की खिड़की को तोड़ दिया और अंदर दाखिल होकर महिला को फंदे से नीचे उतारा थम चुकी थीं सांसें, CPR देकर बचाई जान जब महिला को नीचे उतारा गया, तब तक उसकी सांसें पूरी तरह थम चुकी थीं और शरीर में कोई हलचल नहीं थी। ऐसी गंभीर स्थिति में जवानों ने हिम्मत नहीं हारी और तत्काल महिला को सीपीआर (Cardiopulmonary Resuscitation) देना शुरू किया। कुछ ही मिनटों की मशक्कत के बाद चमत्कार हुआ और महिला की सांसें दोबारा चल उठीं अस्पताल में भर्ती, स्थिति अब पूरी तरह सुरक्षित सांसें वापस आते ही पुलिस टीम ने बिना समय गंवाए महिला को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) चोपन पहुंचाया। वहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार देने के बाद बेहतर निगरानी और इलाज के लिए उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया। डॉक्टरों के अनुसार, समय पर सीपीआर मिलने के कारण ही महिला की जान बच सकी है। वर्तमान में महिला पूरी तरह से सुरक्षित और सकुशल है। स्थानीय लोगों और पीड़ित परिवार ने चोपन पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई और संवेदनशीलता के लिए यूपी 112 की टीम का दिल से आभार व्यक्त किया है।