अपहरण व हत्या में पति-पत्नी समेत सात को उम्र-कैद एडीजे पंचम राकेश
अपहरण व हत्या में पति-पत्नी समेत सात को उम्र-कैद एडीजे पंचम राकेश यादव की कोर्ट ने लगाया कुल 1.40 लाख रुपए का अर्थदंड ------------------------------------ सुल्तानपुर। युवक का अपहरण कर उसकी हत्या करने एवं साक्ष्य मिटाने की नीयत से शव को जलाने के करीब सत्रह साल पुराने मामले में तीन दिन पूर्व दोषी ठहराए गए पति-पत्नी समेत सात दोषियो की सजा पर सोमवार को एडीजे पंचम राकेश यादव की अदालत ने सजा के बिंदु पर अपना फैसला सुनाया। अदालत ने मामले में दोषियो को आजीवन कारावास एवं प्रत्येक दोषी को बीस हजार रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई है। वहीं अदालत ने अर्थदंड की सम्पूर्ण धनराशि मृतक की माँ बेला देवी के पक्ष में दिए जाने का आदेश दिया है। चांदा थाने के कोइरीपुर के रहने वाले वादी विजय कुमार गुप्ता ने तीन मई साल 2009 को डीएम को तहरीर दिया। वादी विजय कुमार गुप्ता के आरोप के मुताबिक एक मई 2009 को सुबह करीब नौ बजे उनके पुत्र राजेश गुप्ता को स्थानीय थाने के कोइरीपुर मोहल्ला कंचन नगर के रहने वाले आरोपी पन्नालाल अग्रहरि,अनंतलाल अग्रहरि,राकेश अग्रहरी,अखिलेश अग्रहरि व लम्भुआ कस्बा निवासी आरोपी मनोज कुमार साहू उनके घर के सामने से काम के बहाने लेकर लम्भुआ चले गए। वादी के मुताबिक पूछने पर आरोपियो ने वादी के लड़के के जरिए पैसा लेने की बात कही और उससे काम कराकर पैसा वसूल करने के लिए कहा। वादी के अनुसार एक मई की ही शाम को जानकारी मिली कि वादी का पुत्र राजेश प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लंभुआ में भर्ती है। पर जब वादी सीएचसी लम्भुआ पहुंचा तो सब लोग उसे थाने लेकर चले गए और बताया कि उनके पुत्र ने सलफास खा लिया है,जिसे लखनऊ में भर्ती कराया गया है। वादी को सभी लोग घर लेकर चले गए। कुछ देर बाद उनके बेटे की लाश को ले जाकर आरोपियो ने प्रतापगढ़ जिले के मडहौराघाट इब्राहिमपुर में जला दिया। मामले में डीएम से शिकायत के बाद पुलिस ने चांदा थाने में आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया। मामले में पुलिस ने अपनी जांच पूरी कर चांदा थाने के कोइरीपुर के रहने वाले आरोपी पन्नालाल अग्रहरि, अनंतलाल अग्रहरि,राकेश अग्रहरी,पूर्व नगर पंचायत प्रतिनिधि मनोज कुमार साहू एवं लम्भुआ कोतवाली के स्थानीय कस्बे के रहने वाले आरोपी मनोज कुमार उर्फ पिंटू एवं आरोपी सत्यनारायन अग्रहरि व उनकी पत्नी सरिता को राजेश गुप्ता के अपहरण, हत्या एवं साक्ष्य मिटाने की नीयत से शव को जलाने सहित अन्य मामलों में आरोपी बनाया और उनके खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट भी पेश किया। सभी आरोपियों के खिलाफ अपर सत्र न्यायाधीश पंचम की अदालत में मामले का विचारण चला। जिसके दौरान अभियोजन पक्ष से शासकीय अधिवक्ता संजय सिंह व धीरेंद्र प्रताप सिंह ने आठ गवाहों को पेश किया और आरोपियो को ही घटना का जिम्मेदार ठहराया। वहीं बचाव पक्ष ने आरोपो को निराधार बताते हुए सभी को बेकसूर बताया। उभय पक्षो को सुनने के बाद अदालत ने गत शुक्रवार को सभी आरोपियों को दोषी करार देते हुए उन्हें जेल भेजने का आदेश दिया। अदालत ने दोषियो की सजा पर सुनवाई के लिए 13 जुलाई की तारीख तय किया था। अदालत ने सोमवार को सभी दोषियो को जेल से तलब कर उनकी सजा पर अपना फैसला सुनाया और उन्हें सजा काटने के लिए दोबारा जेल भेजने का आदेश दिया है। *नहीं मिला था युवक का शव,परिस्थितिजन साक्ष्य के आधार पर हुई सजा* ----------------------------------- सुल्तानपुर। युवक राजेश गुप्ता के अपहरण व हत्या की वारदात को अंजाम देने के बाद अभियुक्तों ने साक्ष्य को मिटाने के लिए शव को जला दिया था। नतीजतन मृतक का शव नहीं मिल पाया था और शव नहीं मिलने की वजह से पोस्टमार्टम की कार्रवाई भी नहीं हो पाई थी। फिलहाल पुलिस ने कड़ी मेहनत कर घटना की कड़ी से कड़ी को जोड़ते हुए परिस्थितिजन साक्ष्य के आधार पर चार्जशीट पेश की थी। इन्हीं साक्ष्यों के आधार पर अभियोजन पक्ष को ट्रायल के दौरान काफी मदद मिली और वह घटना को साबित करने में सफल रहे,जिसकी वजह से दोषियों को उनकी करनी की सजा मिल सकी।