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Sonbhadraलगभग ९ घंटे पहले

सोन नदी के तट पर 20 जुलाई से सजेगा विश्व कल्याण महायज्ञ, मेंडर माई धाम में दिखेगी मंगलेश्वर बाबा की दिव्य छटा

सोन नदी के तट पर 20 जुलाई से सजेगा विश्व कल्याण महायज्ञ, मेंडर माई धाम में दिखेगी मंगलेश्वर बाबा की दिव्य छटा

सोन नदी के तट पर 20 जुलाई से सजेगा विश्व कल्याण महायज्ञ, मेड़र माई धाम से दिखेगी मंगेश्वर बाबा की दिव्य छटा 8 साल पुराने ऐतिहासिक यज्ञकुंड में फिर प्रज्वलित होगी महायज्ञ की दिव्य समिधा प्रतिदिन शाम 5:00 बजे से रात 8:00 बजे तक बहेगी श्रीरामचरित कथा की पावन अमृतधारा पहाड़ी बाबा शिव कुमार निषाद (जिला अध्यक्ष, विश्व हिंदू महासंघ) के संयोजन में तैयारियां अंतिम चरण में चोपन, सोनभद्र (17 जुलाई 2026)। सोनभद्र की पावन धरा और जीवनदायिनी सोन नदी के पावन तट पर एक बार फिर भक्ति और अध्यात्म का अनूठा समागम होने जा रहा है। चोपन ग्राम पंचायत के ऐतिहासिक मेड़र माई मंदिर परिसर में आगामी 20 जुलाई से 27 जुलाई तक आयोजित होने वाले विश्व कल्याण महायज्ञ एवं श्रीरामचरित कथा महोत्सव को लेकर तैयारियां युद्ध स्तर पर चल रही हैं। इस भव्य धार्मिक आयोजन को लेकर समूचे जनपद में भारी उत्साह का माहौल है। सोनभद्र की पावन धरा और जीवनदायिनी सोन नदी के पावन तट पर एक बार फिर भक्ति और अध्यात्म का अनूठा समागम होने जा रहा है। चोपन ग्राम पंचायत के ऐतिहासिक मेड़र माई मंदिर परिसर में आगामी 20 जुलाई से 27 जुलाई तक आयोजित होने वाले विश्व कल्याण महायज्ञ एवं श्रीरामचरित कथा महोत्सव को लेकर तैयारियां युद्ध स्तर पर चल रही हैं। इस भव्य धार्मिक आयोजन को लेकर समूचे जनपद में भारी उत्साह का माहौल है। यह आयोजन स्थल प्राकृतिक सौंदर्य और धार्मिक महत्व का एक बेहद खूबसूरत और अनूठा उदाहरण है। सोन नदी के सुरम्य किनारे स्थित मेड़र माई मंदिर परिसर से जब नजरें ऊपर उठती हैं, तो ऊंची पहाड़ी चोटी पर विराजमान मंगेश्वर बाबा (मंगेश्वर धाम) के सीधे दिव्य दर्शन होते हैं। इन दिनों बादलों की ओट में छुपी पहाड़ी और प्रकृति का अलौकिक नजारा देखते ही बनता है। इसी अद्भुत और शांत आध्यात्मिक वातावरण के बीच इस महायज्ञ का अनुष्ठान किया जा रहा है। आयोजन समिति के अनुसार, मेड़र माई मंदिर परिसर में एक अत्यंत प्राचीन और ऐतिहासिक यज्ञशाला स्थित है। ठीक 8 वर्ष पूर्व इसी पावन हवन कुंड में एक विशाल यज्ञ संपन्न हुआ था। अब एक बार फिर, उसी जागृत और ऐतिहासिक हवन कुंड में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विश्व शांति, पर्यावरण शुद्धि और लोक कल्याण के संकल्प के साथ यज्ञ की पवित्र अग्नि प्रज्वलित की जाएगी। 8 दिनों तक चलने वाले इस अनुष्ठान से पूरा क्षेत्र दिव्य ऊर्जा से सराबोर हो उठेगा। इस 8 दिवसीय महोत्सव में यज्ञ के साथ-साथ प्रतिदिन शाम 5:00 बजे से रात्रि 8:00 बजे तक श्रीरामचरित कथा की अमृतधारा बहेगी। सनातन धर्म के केंद्र श्रीधाम वृन्दावन से पधार रहे विख्यात कथावाचक पूज्य श्री दिलीप कृष्ण भारद्वाज महाराज जी अपने मुखारविंद से मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के दिव्य जीवन, उनके आदर्शों और भजनों पर प्रकाश डालेंगे। कथा का समय विशेष रूप से शाम को रखा गया है ताकि क्षेत्र के किसान, व्यवसाई, मजदूर और नौकरीपेशा लोग दिनभर के कार्यों से निवृत्त होकर सपरिवार आकर कथा श्रवण का आनंद ले सकें। इस भव्य अनुष्ठान के मुख्य आयोजक पहाड़ी बाबा शिव कुमार निषाद हैं, जो विश्व हिंदू महासंघ (सोनभद्र) के जिला अध्यक्ष (धर्माचार्य प्रकोष्ठ) भी हैं। उनके कुशल मार्गदर्शन में पूरी आयोजन समिति दिन-रात व्यवस्थाओं को मुकम्मल करने में जुटी है। मुख्य रूप से निषाद और गौड़ बाहुल्य आबादी वाले इस ऐतिहासिक चोपन गाँव के सभी प्रबुद्ध और वरिष्ठ जन इस कार्य में अपना बढ़-चढ़कर सहयोग दे रहे हैं। संरक्षक नागेश्वर प्रसाद गौड़ मंत्री संतोष साहनी वरिष्ठ सदस्य व सहयोगी श्यामा चरण गिरी, राजकुमार डब्बू यादव, रामू सिंह गौड़ और सुनील सिंह। सभी सहयोगी और स्वयंसेवक आयोजन स्थल पर आने वाले श्रद्धालुओं के बैठने, उत्तम पेयजल, वॉटरप्रूफ टेंट (छांव) और सुरक्षा व्यवस्था की तैयारियों को अंतिम रूप दे रहे हैं। आयोजन समिति ने बताया कि 20 जुलाई को भव्य कलश यात्रा के साथ यज्ञ का शुभारंभ होगा, जो अनवरत 8 दिनों तक चलेगा। इसके बाद आगामी 27 जुलाई को महायज्ञ की भव्य पूर्णाहूति होगी। पूर्णाहूति के उपरांत एक विशाल भंडारे (महाप्रसाद) का आयोजन किया जाएगा, जिसमें हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है। आयोजन समिति और पहाड़ी बाबा शिव कुमार निषाद ने समस्त सोनभद्र तथा आस-पास के क्षेत्रों से सनातन धर्मावलंबियों से भावुक अपील की है कि वे प्रतिदिन शाम 5:00 बजे मेड़र माई मंदिर परिसर पहुंचें। प्राकृतिक वादियों के बीच मंगेश्वर धाम की दिव्य छटा का आनंद लेते हुए महायज्ञ में आहुति दें और श्रीरामचरित कथा का श्रवण कर पुण्य के भागी बनें।

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