*घायल बछड़े की मौत पर फूटा ग्रामीणों का गुस्सा, पशु विभाग की

*घायल बछड़े की मौत पर फूटा ग्रामीणों का गुस्सा, पशु विभाग की देरी पर हंगामा* सिकरीगंज/गोरखपुर। सिकरीगंज क्षेत्र में भूमिधर अंडरपास के सामने गुरुवार सुबह एक अज्ञात वाहन की चपेट में आने से एक बछड़ा गंभीर रूप से घायल हो गया। स्थानीय लोगों ने तत्काल मानवता का परिचय देते हुए सुबह करीब 8 बजे पशुपालन विभाग को सूचना दी, लेकिन ग्रामीणों का आरोप है कि विभाग की एंबुलेंस और चिकित्सकीय टीम करीब 11 बजे मौके पर पहुंची। इलाज शुरू होने के कुछ ही देर बाद घायल बछड़े ने दम तोड़ दिया। बछड़े की मौत के बाद मौके पर मौजूद लोगों का आक्रोश फूट पड़ा। नाराज ग्रामीणों ने पशु विभाग की एंबुलेंस को रोककर लापरवाही का आरोप लगाया और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। स्थानीय निवासी प्रिंस विश्वकर्मा ने बताया कि घटना की सूचना सुबह 8 बजे ही पशुपालन विभाग को दे दी गई थी, लेकिन डॉक्टरों की टीम करीब 11 बजे पहुंची। उनका कहना था कि यदि समय पर इलाज मिल जाता तो शायद बेजुबान की जान बच सकती थी। वहीं छोटेलाल निषाद ने आरोप लगाया कि घटना के कई घंटे बाद विभागीय टीम मौके पर पहुंची, जिससे गंभीर रूप से घायल बछड़े की जान चली गई। उन्होंने इस पूरे मामले को विभागीय लापरवाही बताया। घटनास्थल पर मौजूद पशुपालन विभाग की टीम की ओर से डॉ. चंद्रकांत मौर्य ने बताया कि उनकी ड्यूटी सुबह 9 बजे से शुरू होती है तथा उन्हें अन्य मामलों में भी जाना पड़ता है, जिसके कारण टीम को पहुंचने में समय लगा। मौके पर बढ़ते हंगामे की सूचना मिलते ही सिकरीगंज पुलिस पहुंची और स्थिति को शांत कराया। इस संबंध में सिकरीगंज थाना प्रभारी अंजुल चतुर्वेदी ने बताया कि मृत बछड़े को सम्मानपूर्वक जेसीबी से गड्ढा खुदवाकर कफन के साथ दफनाया गया है। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। घटना के बाद क्षेत्र में पशु चिकित्सा सेवाओं की त्वरित उपलब्धता को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। ग्रामीणों ने मांग की है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं में तत्काल चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराई जाए, ताकि किसी बेजुबान की जान लापरवाही की भेंट न चढ़े।