इकौना अंडरपास पर प्रस्तावित आंदोलन से पहले पुलिस की कार्रवाई, नेताओं को

इकौना अंडरपास पर प्रस्तावित आंदोलन से पहले पुलिस की कार्रवाई, नेताओं को किया गया नजरबंद 17 मार्च को इकौना अंडरपास पर प्रस्तावित आंदोलन को लेकर प्रशासन पहले से ही सतर्क नजर आया। सर्वजन आवाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेंद्र यादव करनाल के नेतृत्व में होने वाले इस आंदोलन में प्रदेश अध्यक्ष गिरिजेश मिश्र, व्यासमुनि, फौजी राधेश्याम यादव, आदित्य पटेल, जिला अध्यक्ष विनोद जायसवाल, सुरेन्द्र गुप्ता, राम जीत पाण्डेय, राम वृक्ष प्रजापति, डॉ. शिव सुंदर मौर्य, फौजी अभिमन्यु यादव, रोहित गौड़ समेत सैकड़ों लोगों के शामिल होने की संभावना थी। यह आंदोलन डंपर चालकों से जुड़े गंभीर मुद्दों को लेकर प्रस्तावित था। पिछले 15 दिनों के भीतर डंपरों से जुड़े हादसों में दो युवकों की दर्दनाक मौत हो चुकी थी, जिससे क्षेत्र में भारी आक्रोश था और इसी के विरोध में यह आंदोलन आयोजित किया जाना था। प्रशासन को पहले से मिली जानकारी के आधार पर, कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस ने कड़ी कार्रवाई की। धारा 144 लागू होने के चलते, राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेंद्र यादव करनाल को उनके आवास पर ही भारी पुलिस बल तैनात कर नजरबंद (हाउस अरेस्ट) कर दिया गया। साथ ही, सभी से शांति व्यवस्था बनाए रखने की अपील की गई। थाना प्रभारी बेलघाट विकास नाथ ने पुलिस बल के साथ स्थिति को नियंत्रण में रखा। बाद में प्रशासन की पहल पर प्रतिनिधिमंडल को खजनी ले जाया गया, जहां जिलाधिकारी राजेश प्रताप सिंह के समक्ष ज्ञापन सौंपा गया। हालांकि, धारा 144 के उल्लंघन की आशंका को देखते हुए आंदोलन को स्थगित कर दिया गया। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को रोकना उनकी प्राथमिकता है और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। साथ ही, डंपर मालिकों व चालकों के खिलाफ उचित कार्रवाई करने का आश्वासन भी दिया गया।