मीरजापुर: विंध्य कॉरिडोर पर करोड़ों का खर्च, फिर भी विंध्याचल धाम में ज़हर बना पानी, जन चौपाल में फूटा जनता का गुस्सा

विंध्य कॉरिडोर के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं, लेकिन विंध्याचल धाम और आसपास के इलाकों में आज भी लोग दूषित पेयजल पीने को मजबूर हैं। इस गंभीर समस्या को लेकर राष्ट्रवादी मंच द्वारा रेहड़ा चुंगी में आयोजित जन चौपाल में लोगों का आक्रोश खुलकर सामने आया। वक्ताओं ने सवाल उठाया कि जिस क्षेत्र से विधायक और राज्य मंत्री आते हों, वहां आज भी मूलभूत सुविधाओं का अभाव क्यों बना हुआ है। कार्यक्रम में नगर के तरकापुर क्षेत्र में 15 बीघा के एक तालाब को पाटे जाने का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि यह कार्य एक तथाकथित “सेवक” के इशारे पर कराया जा रहा था। इसके साथ ही हरसिंहपुर क्षेत्र में किसानों की सैकड़ों बीघा फसल बर्बाद किए जाने का मामला भी सामने रखा गया। बताया गया कि जब जागरूक किसानों ने धमकियों से डरने के बजाय धरना दिया, तो अगले ही दिन अधिकारी और जिम्मेदार लोग उन्हें मनाने पहुंचे और किसानों को मुआवजा उनके दरवाजे तक मिला। इसे विरोध और एकजुटता की शक्ति का परिणाम बताया गया। जन चौपाल को संबोधित करते हुए अरुण मिश्र ने कहा कि समाज में वही आगे बढ़ता है, जिसके भीतर सत्य के लिए संघर्ष करने की क्षमता होती है। उन्होंने मीरजापुर जिले के पिछड़ेपन के लिए जनप्रतिनिधियों को जिम्मेदार ठहराया और कहा कि जिले की आबोहवा से अपरिचित लोग यहां की भोली-भाली जनता का लाभ उठाकर अपने आशियाने बना रहे हैं। उन्होंने लोगों से अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होने और अन्याय के खिलाफ आवाज उठाने का आह्वान किया। चौपाल कार्यक्रम में राष्ट्रवादी मंच के महामंत्री अनिल गुप्ता, नगर अध्यक्ष आनंद अग्रवाल, मनोज दमकल, राजेश सिन्हा, तीर्थ पुरोहित देवता गुरु पाण्डेय, दीपक श्रीवास्तव, गुलशन पाठक, जय वर्मा, अमरदीप वर्मा, अधिवक्ता संजय गोस्वामी, हर्ष श्रीवास्तव और संदीप यादव सहित सैकड़ों की संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित रहे और सभी ने एक स्वर में समस्याओं के समाधान की मांग की।