असोथर में मौत की खुदाई! अवैध मिट्टी खनन के दौरान युवक की मौत

असोथर में मौत की खुदाई! अवैध मिट्टी खनन के दौरान युवक की मौत, संरक्षण पर उठे बड़े सवाल रात के अंधेरे में गरजती जेसीबी ने निगल ली एक युवक की जान, परिजनों ने लगाए गंभीर आरोप असोथर, फतेहपुर। असोथर थाना क्षेत्र में कथित अवैध मिट्टी खनन का खेल एक बार फिर सुर्खियों में है। इस बार मामला एक 22 वर्षीय युवक की मौत से जुड़ा है, जिसने पूरे क्षेत्र में खनन गतिविधियों और प्रशासनिक निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोप है कि रात के अंधेरे में चल रहे मिट्टी खनन के दौरान हुई घटना में एक युवक की जान चली गई, लेकिन मामले को दबाने का प्रयास किया गया। मिली जानकारी के अनुसार थाना क्षेत्र के सरकंडी गांव निवासी 22 वर्षीय अतुल तिवारी तीन भाइयों में सबसे छोटा था। परिजनों के मुताबिक अतुल मिट्टी खनन में लगी जेसीबी के साथ ट्रैक्टर चालक के रूप में कार्य करता था। बताया जा रहा है कि खनन कार्य के दौरान हुई एक घटना में उसकी मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि घटना की सूचना उन्हें समय पर नहीं दी गई। इतना ही नहीं, हादसे के बाद पूरे मामले को दबाने और सच्चाई छिपाने का प्रयास किया गया। परिवार का कहना है कि उन्हें अब तक स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई कि आखिर घटना कैसे हुई और किन परिस्थितियों में अतुल की जान गई। घटना के बाद गांव और क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र में लंबे समय से रात के समय मिट्टी खनन का कार्य चल रहा है। देर रात तक जेसीबी मशीनें और ट्रैक्टर सक्रिय रहते हैं, लेकिन जिम्मेदार विभागों की ओर से प्रभावी कार्रवाई नहीं की जाती। अब सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि यदि क्षेत्र में लगातार रात के समय खनन कार्य संचालित हो रहा था, तो संबंधित विभागों और प्रशासन को इसकी जानकारी क्यों नहीं थी? यदि जानकारी थी, तो कार्रवाई क्यों नहीं हुई? एक युवा की असमय मौत ने अवैध खनन के पूरे नेटवर्क पर सवालिया निशान लगा दिया है। परिजन मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। वहीं क्षेत्रीय जनता भी इस घटना के बाद अवैध खनन पर सख्त कार्रवाई की मांग कर रही है। यदि समय रहते ऐसे मामलों पर अंकुश नहीं लगाया गया तो अवैध खनन का यह खेल आगे भी किसी परिवार का चिराग बुझा सकता है।