गुपचुप तरीके से पहुंची वन विभाग की टीम जांच करने, शिकायतकर्ता ने
गुपचुप तरीके से पहुंची वन विभाग की टीम जांच करने, शिकायतकर्ता ने जताई आपत्ति; डीएम से होगी दोबारा शिकायत, जांच टीम पर भी उठेंगे सवाल *घोटाले में एक बाबू का कमलेश बाबू ने किया बड़ा खेल मिलकर* सुल्तानपुर। जनपद में वन विभाग से जुड़े कथित घोटाले की जांच प्रक्रिया अब विवादों में घिरती नजर आ रही है। बताया जा रहा है कि वन विभाग की टीम बिना पूर्व सूचना दिए ही गुपचुप तरीके से जांच करने मौके पर पहुंच गई, जिससे शिकायतकर्ता ने कड़ी आपत्ति जताई है। शिकायतकर्ता सतनाम का कहना है कि किसी भी शिकायत की जांच के दौरान संबंधित शिकायतकर्ता को पहले से सूचित करना जरूरी होता है, ताकि वह मौके पर मौजूद रहकर अपनी बात रख सके। लेकिन इस मामले में ऐसा नहीं किया गया, जिससे पूरी जांच प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो गए हैं। हालांकि बाद में शिकायतकर्ता को मौके पर बुलाया गया, लेकिन तब तक जांच की निष्पक्षता को लेकर संदेह पैदा हो चुका था। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि यह पूरी कार्रवाई विभागीय “सेटिंग-गेटिंग” के तहत की जा रही है, जिससे सच्चाई सामने आने में बाधा आ सकती है। शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया है कि इस कथित घोटाले में एक बाबू के साथ मिलकर कमलेश बाबू ने बड़ा खेल किया है, जिसकी भी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। शिकायतकर्ता ने स्पष्ट किया है कि वह आज जिलाधिकारी इंद्रजीत सिंह से मिलकर पूरे मामले की दोबारा शिकायत करेगा। इसके साथ ही जांच में शामिल वन विभाग की टीम के सदस्यों के खिलाफ भी औपचारिक शिकायत दर्ज कराई जाएगी। उनका यह भी कहना है कि मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच के लिए इसे वन विभाग से हटाकर राजस्व विभाग तथा स्वतंत्र तकनीकी टीम को सौंपा जाना चाहिए, ताकि निष्पक्षता बनी रहे और वास्तविक स्थिति सामने आ सके। शिकायतकर्ता ने यह भी चेतावनी दी है कि यदि जिला स्तर पर संतोषजनक कार्रवाई नहीं होती है, तो वह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलकर मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग करेंगे। इस पूरे घटनाक्रम ने प्रशासनिक कार्यशैली और जांच प्रक्रियाओं की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, जिस पर अब सभी की नजरें टिकी हुई हैं।