राम मंदिर, अयोध्या के धार्मिक आयोजनों की नौ सदस्यीय समिति में संत

राम मंदिर, अयोध्या के धार्मिक आयोजनों की नौ सदस्यीय समिति में संत डॉ. रामानंद दास शामिल, गगहा क्षेत्र में हर्ष गगहा गोरखपुर बांसगांव संदेश।श्रीराम जन्मभूमि मंदिर, अयोध्या में धार्मिक आयोजनों के सुचारु संचालन के लिए गठित नौ सदस्यीय समिति में रामकथा कुंज के पूज्य संत डॉ. रामानंद दास जी महाराज को सदस्य बनाए जाने पर गगहा क्षेत्र सहित उनके पैतृक गांव मिश्रौली में हर्ष का माहौल है। ग्रामीणों, श्रद्धालुओं एवं धर्मप्रेमियों ने इसे पूरे क्षेत्र के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि बताते हुए प्रसन्नता व्यक्त की है। मूल रूप से गगहा क्षेत्र के मिश्रौली गांव निवासी संत डॉ. रामानंद दास जी महाराज ने बाल्यकाल में ही सांसारिक जीवन का त्याग कर संत परंपरा को अपनाया और स्वयं को धर्म, संस्कृति एवं समाज सेवा के लिए समर्पित कर दिया। अपनी ओजस्वी श्रीमद्भागवत कथाओं, रामकथाओं एवं आध्यात्मिक प्रवचनों के माध्यम से उन्होंने देश-विदेश में विशिष्ट पहचान बनाई है। उनके आध्यात्मिक व्यक्तित्व और धार्मिक सेवाओं से न केवल अयोध्या, बल्कि उनका पैतृक क्षेत्र भी गौरवान्वित हुआ है। धार्मिक परंपराओं के संरक्षण, वैदिक संस्कृति के प्रचार-प्रसार तथा विभिन्न स्थानों पर आयोजित रामार्चन महायज्ञों एवं अन्य वैदिक अनुष्ठानों के सफल संचालन में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। धर्म और अध्यात्म के क्षेत्र में उनके दीर्घ अनुभव, विद्वता एवं समर्पण को देखते हुए उन्हें श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के धार्मिक आयोजनों के संचालन हेतु गठित नौ सदस्यीय समिति में स्थान दिया गया है। उनके इस मनोनयन पर पूर्व उपजिलाधिकारी ऋषिकेश द्विवेदी, ग्राम प्रधान राकेंद्र द्विवेदी, विपिन बिहारी द्विवेदी, आत्माराम द्विवेदी, रामजी तिवारी सहित क्षेत्र के अनेक गणमान्य नागरिकों, श्रद्धालुओं एवं ग्रामीणों ने दूरभाष के माध्यम से उन्हें शुभकामनाएं एवं बधाई दी। ग्रामीणों ने कहा कि संत डॉ. रामानंद दास जी को मिली यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी केवल उनकी व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि गगहा क्षेत्र और मिश्रौली गांव के लिए भी गर्व, सम्मान और प्रेरणा का विषय है। इससे क्षेत्र के लोगों का धार्मिक एवं सांस्कृतिक गौरव और अधिक बढ़ा है।