पथरी के ऑपरेशन के दो दिन बाद मरीज की मौत, निजी अस्पताल

पथरी के ऑपरेशन के दो दिन बाद मरीज की मौत, निजी अस्पताल पर लापरवाही का आरोप परिजनों ने डॉक्टर-कर्मचारियों पर FIR की मांग की, परिजन शव लेकर अस्पताल पहुंचे तो तोड़फोड़ व मारपीट का भी अस्पताल के तरफ से लगाया गया आरोप जखनियां/गाजीपुर। थाना भुड़कुड़ा क्षेत्र स्थित धनरावती अस्पताल में पथरी के ऑपरेशन के दो दिन बाद एक मरीज की मौत को लेकर हंगामा खड़ा हो गया। मृतक के परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर चिकित्सकीय लापरवाही का गंभीर आरोप लगाते हुए थाना भुड़कुड़ा में प्रार्थना पत्र देकर संबंधित डॉक्टर व कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। वहीं अस्पताल प्रबंधन ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए मरीज के उपचार में किसी भी प्रकार की लापरवाही से इनकार किया है।प्राप्त जानकारी के अनुसार जखनियां क्षेत्र निवासी राकेश की तबीयत खराब होने पर उन्हें धनरावती अस्पताल में भर्ती कराया गया था। परिजनों के अनुसार मरीज के पथरी का ऑपरेशन बीते रविवार को अस्पताल में किया गया था। परिजनों का आरोप है कि ऑपरेशन के दौरान चिकित्सकीय स्तर पर गंभीर चूक हुई, जिसके कारण मरीज की हालत बिगड़ गई। उनका कहना है कि ऑपरेशन के दौरान शरीर की एक महत्वपूर्ण नस को क्षतिग्रस्त कर दिया गया, जिसके बाद मरीज की स्थिति लगातार खराब होती चली गई और आखिरकार उसकी मौत हो गई।परिजनों ने पुलिस को दिए प्रार्थना पत्र में संबंधित डॉक्टर, कंपाउंडर तथा अस्पताल से जुड़े अन्य लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उनका आरोप है कि घटना के बाद मामले को दबाने का प्रयास किया गया। परिजनों ने अस्पताल की भूमिका की जांच कर दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। अस्पताल प्रबंधन ने आरोपों को बताया निराधार वहीं मामले में अस्पताल प्रबंधन का पक्ष भी सामने आया है। अस्पताल संचालक के अनुसार मरीज का पथरी का ऑपरेशन रविवार को किया गया था और ऑपरेशन पूरी तरह सफल रहा था। ऑपरेशन के बाद अगले दिन मरीज की हालत में कुछ परेशानी आई, जिसके बाद अस्पताल की ओर से तत्काल चिकित्सकीय उपचार उपलब्ध कराया गया।अस्पताल संचालक का कहना है कि मरीज की बेहतर चिकित्सा व्यवस्था और विशेष उपचार के लिए उसे आजमगढ़ रेफर किया गया। वहां चिकित्सकों द्वारा मरीज को बचाने के लिए अथक प्रयास किए गए, लेकिन उसकी हालत में सुधार नहीं हो सका और बुधवार की सुबह करीब सात बजे मरीज की मौत हो गई। अस्पताल प्रबंधन ने स्पष्ट किया कि मरीज के उपचार में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं बरती गई और उसे बचाने के लिए हर संभव प्रयास किया गया। शव लेकर अस्पताल पहुंचे परिजन, तोड़फोड़ व मारपीट का आरोप मरीज की मौत की सूचना के बाद आक्रोशित परिजन शव लेकर धनरावती अस्पताल पहुंच गए। अस्पताल प्रबंधन का आरोप है कि इस दौरान कुछ लोगों ने अस्पताल परिसर में तोड़फोड़ की तथा वहां मौजूद कर्मचारियों के साथ मारपीट की। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंच गए।अस्पताल में तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए क्षेत्राधिकारी भुड़कुड़ा रामकृष्ण तिवारी, उपजिलाधिकारी जखनियां अतुल कुमार, थाना भुड़कुड़ा प्रभारी धर्मेंद्र कुमार पांडेय, थानाध्यक्ष दुल्लहपुर दीपक कुमार सहित भारी संख्या में पुलिस बल मौके पर पहुंचा। अधिकारियों ने दोनों पक्षों से बातचीत कर स्थिति को नियंत्रित किया और समझा-बुझाकर मामला शांत कराया। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा पुलिस की मौजूदगी में मृतक के शव को थाने ले जाया गया। परिजनों की ओर से तहरीर लिए जाने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है।मामले में एक तरफ परिजनों द्वारा चिकित्सकीय लापरवाही का आरोप लगाया गया है, वहीं अस्पताल प्रबंधन ने इसे पूरी तरह नकारते हुए मरीज को बेहतर उपचार के लिए आजमगढ़ भेजे जाने और वहां चिकित्सकों द्वारा किए गए प्रयासों की जानकारी दी है। पुलिस द्वारा तहरीर, पोस्टमार्टम रिपोर्ट तथा अन्य तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस ने अस्पताल में हुए हंगामे और तोड़फोड़ के आरोपों को लेकर भी जांच शुरू कर दी है।मरीज की मौत की वास्तविक वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।