न घर, न घरौनी, फिर भी मतदाता सूची में जोड़ दिए नाम

न घर, न घरौनी, फिर भी मतदाता सूची में जोड़ दिए नाम ! दूसरे का मकान नम्बर डालकर हो गया काम, सवालों के घेरे में जिम्मेदार ! अमौली, फतेहपुर । अमौली विकास खंड मुख्यालय में मतदाता सूची में नाम जोड़ने को लेकर एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने विभागीय जिम्मेदारों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक ओर सरकार द्वारा एसआईआर में वर्ष 2003 की मतदाता सूची से मिलान कर सत्यापन के बाद निर्वाचन सूची जारी की गई, वहीं अमौली में पंचायत निर्वाचक नामावली में इन प्रक्रियाओं को दरकिनार कर नाम जोड़ दिए गए। जानकारी के अनुसार अमौली कस्बे में कुछ लोगों के नाम ऐसे मकान नंबर से जोड़ दिए गए हैं, जिनका न तो कोई स्थायी घर है और न ही घरौनी। बताया गया कि ग्राम प्रधान प्रतिनिधि के मकान नंबर 594 से ईंट-भट्टों पर काम करने वाले सहब जहां, नूरजहां, नसीम, अकीला, निजाम खां, नफीस, सरफराज, रहमत अली और आतीन खान के नाम मतदाता सूची में दर्ज कर दिए गए। बताया जा रहा है कि ये लोग झुग्गी झोपड़ी में अस्थायी रूप से रहते हैं। इस मामले में जब बीएलओ से जानकारी ली गई तो उन्होंने बताया कि ग्राम प्रधान द्वारा स्वयं इन लोगों के आधार कार्ड उपलब्ध कराए गए थे और उसी आधार पर नाम जोड़े गए। हालांकि इन मतदाताओं के वास्तविक निवास स्थान की जानकारी बीएलओ भी नहीं दे सके। मामला सामने आने के बाद प्रशासनिक स्तर पर चुप्पी साधी गई है, जिससे पूरे प्रकरण को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।