*ब्रह्मभोज में खाना खाते समय लोहे की खंती से किया वार, इलाज

*ब्रह्मभोज में खाना खाते समय लोहे की खंती से किया वार, इलाज क़े लिए ले जाते समय घेर कर तलवार से काटकर मौत क़े घाट उतार दिया* *बिजली ठेकेदार की हत्या से अहिरौली खुर्द में सनसनी, इलाज के लिए टेंपो से ले जाने वालों पर ही हत्या का आरोप; एक आरोपी ने थाने में किया आत्मसमर्पण* नेक्स्ट अपडेट न्यूज़ सिकरीगंज थाना क्षेत्र के अहिरौली खुर्द गांव में शनिवार शाम पुरानी रंजिश ने खूनी रूप ले लिया। ब्रह्मभोज में भोजन करने पहुंचे बिजली विभाग के ठेकेदार शिव कुमार त्रिपाठी (52) पर पहले लोहे की खंती से हमला किया गया। घायल होने के बाद जब उन्हें इलाज के लिए टेंपो से ले जाया जा रहा था, तो रास्ते में हमलावरों ने टेंपो को रोक लिया। जान बचाकर भागे शिव कुमार को करीब एक किलोमीटर दूर खेत में घेरकर तलवार से हमला कर दिया गया। गंभीर चोटों के चलते उनकी मौत हो गई। घटना के बाद अहिरौली खुर्द समेत आसपास के गांवों में तनाव फैल गया। सूचना पर सिकरीगंज थाने की पुलिस के साथ कई थानों की फोर्स मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। सुरक्षा के मद्देनजर अहिरौली-बारीपुर चौराहे पर भी पुलिस बल तैनात किया गया। भोजन के दौरान पीठ में मारी खंती अहिरौली खुर्द निवासी छेदी चौधरी के घर शनिवार को ब्रह्मभोज था। शिव कुमार त्रिपाठी भी कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे। बताया जा रहा है कि वह भोजन कर रहे थे, तभी उन पर हमला कर दिया गया। उनकी पीठ में लोहे की खंती से वार किया गया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल होकर वहीं गिर पड़े। इसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाने के लिए टेंपो में बैठाया गया। टेंपो ढेबरा-हाता मार्ग पर हनुमान प्रसाद इंटर कॉलेज के पास पहुंचा था कि हमलावरों ने रास्ता रोक लिया। शिव कुमार टेंपो से उतरकर नारायणपुर की ओर भागे। आरोप है कि हमलावरों ने पीछा कर सड़क से करीब पांच सौ मीटर दूर खेत में उन्हें घेर लिया और तलवार से कई वार कर दिए। जिस घर गए थे ब्रह्मभोज में, वहीं से निकली रंजिश की कड़ी घटना की सबसे अहम कड़ी पुरानी रंजिश को बताया जा रहा है। जिस छेदी चौधरी के घर शिव कुमार ब्रह्मभोज में शामिल होने गए थे, उनके पड़ोसी और पट्टीदार आदर्श चौधरी की करीब एक साल पहले गोली मारकर हत्या हुई थी। इस मामले में शिव कुमार त्रिपाठी के परिवार के सदस्यों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ था। बताया गया कि हत्याकांड में नामजद आरोपियों को जेल भेजा गया था और करीब पांच-छह महीने पहले वे जमानत पर बाहर आए थे। ग्रामीणों के अनुसार, आदर्श चौधरी की हत्या के बाद से दोनों परिवारों के बीच रंजिश बनी हुई थी। इसी रंजिश के चलते शिव कुमार की हत्या किए जाने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि पुलिस जांच के बाद ही हत्या की वास्तविक वजह स्पष्ट होगी। शिव कुमार बिजली विभाग के ठेकेदार थे। उनके इकलौते पुत्र आदित्य उर्फ अनुराग त्रिपाठी अधिवक्ता हैं। आदर्श चौधरी हत्याकांड में उनके खिलाफ भी मुकदमा दर्ज हुआ था और वह जेल गए थे। हाल में जमानत पर घर लौटे थे। वारदात के बाद थाने पहुंचा आरोपी हत्या के बाद देर शाम आशुतोष चौधरी नामक एक व्यक्ति ने सिकरीगंज थाने पहुंचकर आत्मसमर्पण कर दिया। पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी। घटना की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक समेत अन्य अधिकारी देर रात तक थाने में मौजूद रहे। घटना की खबर मिलते ही त्रिपाठी परिवार के शुभचिंतक और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। तनाव की स्थिति को देखते हुए कई थानों की पुलिस ने घटनास्थल और अहिरौली-बारीपुर चौराहे पर मोर्चा संभाल लिया। चौराहे की दुकानें बंद हो गईं और इलाके में सन्नाटा पसरा रहा। इसी चौराहे पर त्रिपाठी परिवार की कई दुकानें हैं। मृतक के चचेरे भाई नरसिंह त्रिपाठी भी सीमेंट, बालू और सरिया की दुकान चलाते हैं। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक घटना की जांच जारी है। आत्मसमर्पण करने वाले आरोपी से पूछताछ के आधार पर अन्य आरोपियों की भूमिका का पता लगाया जा रहा है।